Coronavirus and Astrology

The world is scared about the spreading of Coronavirus.  WHO takes every step to put a stop to the same. All worlds are aggressive against this disease vigorously. Astrologers are also active to find out the reason and timing of ending the virus.

Since astrology has a big importance in recent times, therefore, it is essential to analyze the reasons of Coronavirus in view of the thought of astrology. We are well aware that Solar Eclipse & 6 planet combinations shaped from 25th to 28th December 2019. All the 6 planets affected by the powerful Solar Eclipse on 26th December leading to a remarkable pull on destiny. After isolation of Moon, the combination of Jupiter, Saturn, Mercury, Ketu, and Sun was in Sagittarius sign up to 12th January 2020. Since it was a rare combination in transit in Sagittarius house, a path of epidemic diseases was formed in China because the ascendant of china is Capricorn and this combination was in the 12th house of a horoscope which is also the house of diseases and hospitalizations. This combination was not only in China or India but in the whole world in the shape of one or the other.   Many astrologers at that time predicted that the coming time will not be good in terms of diseases and economic conditions of the world due to these planets’ combinations.  This was the time when C0ronovirus was developed in China.  Still, Jupiter and Ketu stick within Sagittarius sign. In medical astrology, Jupiter is the significator of Phlegm, lungs, kidney, spleen, tongue, diabetes, jaundices.  Ketu is the significator of Belly, stomach pain, diseases from unknown causes, sensation in the body, etc. Ketu overpowers Jupiter. Thus, we can say, this combination is the main cause of this virus. Common signs of infection include respiratory symptoms, fever, cough, shortness of breath and breathing difficulties. In more severe cases, the infection can cause pneumonia, severe acute respiratory syndrome, kidney failure, and even death. Thus, we can say this disease occurred due to combinations of Jupiter and Ketu and it is a result of six planets.

 Now the question arises- when there are they likely to relief from this virus. Jupiter will be separated from Ketu to Capricorn from 30th March 2020, the whole world will feel some respite from Ist April. This will remain in Capricorn up to 30th June 2020.  Further Sun will enter into Aries on 13th April where it will be exalted. Sun is the significator of Atma, VITALITY, STRENGTH, AND DOCTORING.  Mar is also being stayed in the exalted sign of Capricorn by 30th March, thus, by that time possibility of great improvement and research in medicine is also possible. Thus we can say slowly and slowly this disease will take reverse gear and economic conditions, as well as fear of this disease, will be reduced. The possibility of getting research on medicine is also possible from April to June.

 

 

RAJENDRA KUMAR SHARMA

ASTROLOGER

TEL 9872095684

 

दीपावली की कहानी

दीपावली रोशनी का त्यौहार है यह 5 दिनों का उत्सव है जो भारत और पूरे विश्व में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार अमावस्या को मनाया जाता है। लोगों का मानना है कि देवी लक्ष्मी अंधेरे के बीच में भक्तों के घरों में प्रवेश करती हैं और उन्हें समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

दीपावली पर लोगों द्वारा सुनी जाने वाली कई कहानिआ है । जो हमारे पिता जी हर दीपवाली को सुनाते थे , आज उसी पुरातन कहानी को में लिख रहा हूँ |
एक राजा था । उसकी सात बेटीआं थी। वह रोज सुबह उठकर बेटिओं से पूछता था की तुम सब किसकी किस्मत का खाती हो । बड़ी छे बेटीआं कहती पिताजी हम आपकी किस्मत का खाती हैं । परन्तु सब से छोटी बेटी कहती कि “पिताजी में अपनी किस्मत का खाती हूँ “| राजा प्रतिदिन अपनी बेटिओं से यही प्रश्न पूछता रहता । छोटी बेटी सदा यही उतर देती कि में अपनी किस्मत का खाती हूँ । एक दिन राजा को यह सुनकर क्रोध आ गया और उसने अपने राज्य के मंत्री से कहा कि वह अपने सिपाहीओं के साथ जाये और राज्य का सबसे गरीब लड़का ढूंढ करलाएं । राजा की आज्ञानुसार ऐसा ही किया गया । उन्हें एक झोंपड़ी में एक बहुत ही गरीब लड़का दिखाई दिया । जोकि बहुत गरीब था और उसे भरपेट खाना भी नहीं मिलता था । उसको राजा के दरबार में ले आये ।
राजा ने अगले ही दिन सबसे छोटी बेटी का विवाह उस गरीब लड़के के साथ करके विदा कर दिया और कहा “ तुम अपनी किस्मत का खाती हो, “ जाओ और इस गरीब लड़के के साथ अपनी किस्मत का खाओ” ।
वह छोटी लड़की अपने पति के साथ उस गरीब की झोंपड़ी में चली जाती है। बहुत सोच विचार के अपने पति से कहती है आप जब भी घर से बाहर जायँ कुछ न कुछ घर में लेकर आएं। वह जब भी घर से बाहर जाता तो कभी लकड़िआं और कभी गोबर इत्यादि ले कर आता । राजा की लड़की भी कुछ काम कर लेती और इस तरह दोनों थोड़ा बहुत कमा कर गुजारा करने लगे । एक दिन राजकुमारी ने अपने पति से कहा कि वह किसी से कुछ पैसे मांग कर कुछ काम धंदा करे | वह लोगो से पैसे मांगने जाता पर उसको कोई उधार नहीं देता | लकिन एक बजुर्ग ने लोगो से कहा कि राजा ने इसको अपने बेटी दे दी, कया आप लोग इसे कुछ पैसे नहीं दे सकते | उस बजुर्ग ने दया कर कि कुछ पैसे दिए | इन पैसो से दोनों ने कार्य करना शुरू कर दिया जिससे उनका अच्छा निर्वाह होने लगा |
एक दिन राजा की पत्नी (रानी) अपने नौलखा हार महल के तालाब के किनारे रख कर नहा रही थी| तभी एक चील उसका नौलखा हार लेकर उड़ जाती है | वह चील उस हार को राजकुमारी (राजा की लड़की) की झोंपड़ी की छत पर कुछ खाने का सामान पड़ा देखकर उस छत पर बैठ जाती ही | वह खाते समय नौलखा हार उस झोंपड़ी की छत पर फ़ेंक कर उड़ जाती ही | अगली सुबह राजकुमारी को छत पर कुछ चमकती चीज नजर आती है| वह अपने पति को उस को लाने के लिए कहती है|उस हार को देख कर राजकुमारी पहचान जाती ही कि यह हार उसकी माँ का है |
वह अपने पति से कहती है कि वह राजा के दरबार में जाये और राजा को यह हार वापिस कर आए| यदि राजा कुछ मांगने को कहे तो वह राजा से कहे अभी उसे कुछ नहीं चाहिए | जब आवश्यकता होगी तो वह स्वयं मांग लेगा | और राजा से किसी पेपर पर लिखवा लाये |
अगले दिन राजकुमारी का पति दरबार में जाकर राजा को नौलखा हार वापिस करता है। राजा बहुत खुश हो जाता है और कहता है – बेटा मै बहुत खुश हूँ “ जो चाहिए मांग लो”। वह कहता है राजन मुझे अभी कुछ नहीं चाहिए । आप मुझे लिख कर दे दें , जब आवश्यकता होगी में मांग लूंगा और राजा उस को पेपर पर लिख कर दे देता है ।
कुछ समय पश्च्यात दीपावली आने वाली होती है तो राजकुमारी अपने पति से कहती है आप यह राजा का लिखा हुआ वरदान लेकर दरबार जाओ और राजा से कहो कि अब वरदान मांगने का समय आ गया है । राजा को कहना कि दीपावली कि रात को किसी के घर मै रौशनी नहीं होनी चाहिए । शाम होने के बाद किसी के घर चुल्लाह न जले ।वह राज दरबार जाता है और राजकुमारी द्वारा कही बात राजा से कहता है । राजा एक बार असमंजस में पड़ जाता है पर अपने वरदान से मुकर नहीं सकता था ।
सारे शहर में ढँढोरे पिटवा दिए गए कि दीपवाली कि रात को किसी के घर दिया न जले , चुल्लाह न जले । राजा कि आज्ञा का पालन किया गया और पुरे राज्य में किसी के घर रौशनी नहीं हुई|
दीपवाली पूजन का समय हुआ । राजकुमारी , राजा कि छोटी बेटी, दीपवाली कि रात को झोंपड़ी में दीपक जलाती है । उसकी झोंपड़ी दीयों से जगमगाती है । लक्ष्मी जी का विधिवत पूजन किया जाता है । जब आधी रात हो जाती है तो झोंपड़ी का दरवाजा खटखटाया जाता है । राजकुमारी और उसका पति पूछते है -कौन है ? बाहर से आवाज आती है – ” मै लक्ष्मी हूँ “। राजकुमारी कहती है- माँ यदि आप लक्ष्मी है तो आप भीतर आ जाओ ।लक्ष्मी के अंदर आते ही घर में

ख़ुशी कि लहर दौड़ आती है घर में जो भी सामान होता है , सोने का हो जाता है – लक्ष्मी जी आशीर्वाद देकर प्रस्थान कर जाती है ।

गरीब आदमी और राजा कि बेटी राज्य में जमींन लेकर और बड़ा सूंदर घर बना कर रहने लग जाते है । एक दिन राजा की सवारी और उनकी सेना राज्य में उनके घर के पास से जाने वाले होते है । राजकुमारी अपने पति से कहती है आप राजा को न्योता देकर आओ कि उनका और उनकी सेना का भोजन उनके घर पर है और वही भोजन करे ।
राजा सभी सैनिको के साथ उनके घर आता है । राजा को सत्कार के साथ भिन भिन प्रकार के व्यंजन परोसे जाते है और राजकुमारी घुंगट निकाल कर हर बार नई पोशाक पहनकर अपने पिता के लिए भोजन लेकर आती है । कुछ समय बाद राजा उसके पति से पूछता है कि यह कौन है । उसी समय राजकुमारी आती है और कहती है ” पिताजी में इनकी पत्नी हूँ “

देखिये आपने मेरा विवाह एक निर्धन से किया था । लेकिन मैंने अपने भाग्य से सब कुछ पा लिया है । राजा ने बेटी को आशीर्वाद दिया और कहा संसार में हर कोई अपनी किस्मत का खाता है । भाग्य को परिश्रम और बुद्धि से बदला जा सकता है ।
अत जिस प्रकार लक्ष्मी जी कि कृपा राजकुमारी और उसके निर्धन पति पर हुई उसी प्रकार हर किसी पर लक्ष्मी कि कृपा बनी रहे ।
जय लक्ष्मी माता

1. OM SHRIM MAHALAKSHMAYE NAMAH WITH FULL FAITH AND DEVOTION.
2. Offer Lotus flower to Goddess Lakshmi and do Lakshmi Mantra. Lotus is the best remedies –offering to please Goddess Lakshmi.

RAJENDRA KUMAR SHARMA,
ASTROLOGER (RISHI) 9872095684

TALK TO-INTERCASTE MARRIAGE COMBINATION

The natives  who are in younger age, they usually asks- whether I have intercaste marriage are not. For this it is observed that there are number of combination due to which Inter-caste marriage solamanised:

These combinations are:

  • In Male horoscope, it is noted- Venus is afflicted  by Rahu/Ketu and Saturn.

  • In Female Horoscope, itis observed- Jupiter is afflicted by Rahu/Ketu and Saturn

  • Saturn in 5th house may also increase these chances

  • Lord of 9th house affected by 6, 8 and 12 house/ lord.

  • 7th house /lord  related to Rahu/Ketu or to a debilitated planets increase inter caste marriage chances.